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आयोग ने इस रेपिस्ट बाबा के आश्रम को बताया 'कैदखाना', मिले कुछ एेसे हालात

Fri, 12 Jan 2018 02:55 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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वीरेन्द्र देव दीक्षित का अाश्रम
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दिल्ली के 'राम रहीम' कहे जा रहे वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों को लेकर अब बाल आयोग ने तीखे तेवर दिखाए हैं। बाल आयोग ने राजस्थान के माउंट आबू और आबू रोड स्थित वीरेंद्र देव की आश्रमों को कैदखाने की संज्ञा दी है।
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आयोग की ओर से इन जगहों का दौरा किया गया। इसके बाद आश्रमों को गैरकानूनी बताते हुए लड़कियों को तुरंत प्रभाव से मुक्त करवाने के लिए कहा गया है। राज्य बाल आयोग की सदस्य उमा रत्नू ने कहा कि आश्रम की स्थिति कैदखाने की तरह है। यहां मौजूद लड़कियों की उम्र भी 18 साल से कम है। वहां रहने खाने व सोने के इंतजाम नहीं हैं। इन लड़कियों की व्यवस्था तुरंत दूसरी तरफ करने के लिए कहा गया है।
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नहीं घुसने दिया था पुलिस को

वीरेन्द्र देव दीक्षित
कुछ दिन पहले बाबा वीरेंद्र देव का एक आश्रम राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित आबूरोड में मिला है। पुलिस यहां पहुंची तो उसे अंदर नहीं घुसने दिया गया। पूछताछ में यह आश्रम महिलाओं के साथ बलात्कार के आरोपी देव दीक्षित का होना बताया गया। इस आश्रम के बाहर नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा बोर्ड नहीं लगा हुआ है। चार मंजिला इस आश्रम की किलेबंदी की हुई है।

गौरतलब है कि 70 साल के वीरेंद्र देव दीक्षित पर आरोप है कि इसके आश्रम में लड़कियों को कैद करके नशे की हालत में रखा जाता है और उनका यौन शोषण होता है। वीरेंद्र देव के विरुद्ध यौन उत्पीड़न, पुलिस मुठभेड़ और कई अन्य संगीन धाराओं में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
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