दिल्ली के 'राम रहीम' कहे जा रहे वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रमों को लेकर अब बाल आयोग ने तीखे तेवर दिखाए हैं। बाल आयोग ने राजस्थान के माउंट आबू और आबू रोड स्थित वीरेंद्र देव की आश्रमों को कैदखाने की संज्ञा दी है।
आयोग की ओर से इन जगहों का दौरा किया गया। इसके बाद आश्रमों को गैरकानूनी बताते हुए लड़कियों को तुरंत प्रभाव से मुक्त करवाने के लिए कहा गया है। राज्य बाल आयोग की सदस्य उमा रत्नू ने कहा कि आश्रम की स्थिति कैदखाने की तरह है। यहां मौजूद लड़कियों की उम्र भी 18 साल से कम है। वहां रहने खाने व सोने के इंतजाम नहीं हैं। इन लड़कियों की व्यवस्था तुरंत दूसरी तरफ करने के लिए कहा गया है।