शहर में देर रात आॅटोरिक्शा में सवार होकर रैकी के बाद राहगीरों से लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने मंगलवार को तीन शातिर लूटेरों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी मनीष अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी किशन रैगर, बबलू उर्फ ओमप्रकाश और इकराम उर्फ इमरान है। तीनों ही आगरा रोड पर पालडी मीणा स्थित जेडीए कॉलोनी, थाना खोहनागोरियान इलाके में रहते है। इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त आॅटोरिक्शा जब्त किया है। यह कार्रवाई जयपुर कमिश्नरेट के साउथ जिले में ज्योति नगर थाना पुलिस ने की।
लूटपाट के शिकार परिवादी इरफान खान ने 15 अप्रैल को ज्योतिनगर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह 10 अप्रैल को देर रात को अपने आॅटोरिक्शा में सवारी बैठाकर राजमन्दिर से रामबाग सर्किल के लिए रवाना हुआ था। तभी एसएमएस स्टेडियम गेट पर एक सवारी बनकर खड़े एक व्यक्ति ने ईशारा कर इरफान का आॅटोरिक्शा रूकवाया। इरफान ने आॅटो रोका तभी पीछा करते हुए आ रहा एक आॅटोरिक्शा वहां आकर रुका। जिसमें सवार तीनों बदमाशों ने इरफान से मारपीट कर मोबाईल फोन, कागजात, चांदी की चेन व ब्रासलेट लूटा और आॅटोरिक्शा में बैठकर फरार हो गए।
इसके बाद एसीपी अशोक नगर रामगोपाल शर्मा के निर्देशन में थानाधिकारी ज्योतिनगर रघुवीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपियों की तलाश शुरु की। सोमवार देर रात को रामबाग सर्किल पर एक आॅटोरिक्शा में तीन युवकों के संदिग्ध हालत में बैठे होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की। जिसमें उन्होंने वर्ष 2004 में सिन्धीकैंप थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज होना बताया। इसके बाद दिसम्बर 2016 में चैनपुरा रोड पर सवारी से रुपए लूटकर भागने, जनवरी 2017 में एक पैदल राहगीर से गलतागेट में मोबाइल लूटने, फरवरी 2017 मे खोनागोरियान थाने में ट्रक लूटने की जानकारी दी।
इस गिरोह फरवरी 2017 में अजमेरी गैट, रैल्वे स्टैषन सिंधीकैम्प, रामबाग, नारायणसिंह सर्किल, राजमंदिर, पोलो विक्ट्री, एमआई रोड, लक्ष्मी मंदिर, टोंक रोड और ब्रह्मपुरी इत्यादि जगहों से सवारियों को आॅटोरिक्शा में बैठाकर मारपीट कर लूटपाट करने की करीब 20 से 25 वारदातें कर चुका है।