आनंदपाल एनकाउंटर मामले में सांवराद में हुई श्रद्धाजंलि सभा के बाद बीती देर शाम को हिंसक उत्पात को लेकर सर्व समाज संघर्ष समिति की ओर से आज बैठक बुलाई गई। इसमें राजपूत और रावणा राजपूत समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में राजपूत सभा के अध्यक्ष गिर्राज सिंह लोटवाड़ा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि कल करीब दो लाख लोग श्रद्धाजंलि सभा में मौजूद थे। यह सभा देर शाम तक शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी। इसी दौरान अचानक संदेहास्पद तरीके से असामाजिक तत्वों ने यहां हिंसा को भड़काया। इसके बाद पुलिस ने उन्हीं लोगों को आरोपी बनाकर मुकदमों में गिरफ्तार कर लिया, जो उस समय पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता में मौजूद थे।
ऐसे हालात में राजपूत समाज पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि राज्य सरकार हठधर्मिता छोड़े, मानवाधिकार का हनन बंद करें तथा लोकतांत्रिक तरीके से वार्ता कर उनकी मांगों को मानें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो आंदोलन के लिए तैयार रहे।
आंनदपाल एनकाउंटर की सीबीआई से करवाई जाए जांच
सांवराद में श्रद्धाजंलि सभा
- फोटो : Amar Ujala
यहां जयपुर में राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई बार वार्ता हो चुकी है। जिसमें यह मांग भी रखी गई कि आंनदपाल एनकाउंटर की सीबीआई से जांच करवाई जाए। साथ ही, अन्य मांगों में आनंदपाल के भाई मंजीत सिंह को अंतरिम जमानत दिलाने में सहयोग किया जाए, उसकी जब्तशुदा प्रॉपर्टी को मुक्त किया जाए, उसके पारिवारिक सदस्यों सहित आंदोलनकारियों पर लगे मुकदमे वापस लिए जाएं शामिल हैं।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि गंभीर घायल कमांडो सोहन सिंह की उचित इलाज की व्यवस्था की जाए और उसे पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। अगर यह मांगे नहीं मानी गई तो समाज गांव—गांव ढाणी—ढाणी जाकर सरकार के इस कृत्य को उजागर करेंगे। साथ ही, देश के सभी राजपूत व रावणा राजपूत संगठनों को एक मंच पर लाकर सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे।
मृतकों को 50 हजार और घायलों को 10 हजार रुपए आर्थिक सहायता
असामाजिक तत्वों ने भड़काई हिंसा
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संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि देर शाम तक सरकार के प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद सहमति बन गई थी तथा लिखित आश्वासन के आदान—प्रदान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। तभी अचानक संदेहास्पद तरीके से अज्ञात लोगों द्वारा सभा को हिंसक रूप देकर भड़का दिया गया।
पदाधिकारियों ने मांग की है कि सरकार ऐसे हिंसा फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर उच्च स्तरीय जांच करवाए और कानूनी कार्रवाई करें। कल हिरासत में लिए सभी लोगों को छोड़े तथा झूठे मुकदमे वापस लें। संघर्ष समिति ने कहा कि राजपूत सभा द्वारा मृतकों को 50 हजार रुपए और घायलों को 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी।