गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर को 17 दिन बीत चुके है। लेकिन अभी तक उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। ना प्रशासन ने आनंदपाल के परिजनों द्वारा की गई सीबीआई जांच की मांग को माना है और नाहीं परिजन कोई और समझौता करने को तैयार हुए है। जिससे अंतिम संस्कार कब होगा इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच, राजपूत संगठनों ने आगामी 12 जून को आनंदपाल के लाडनूं स्थित पैतृक गांव सांवराद में हुंकार रैली, शोकसभा आयोजित करने की घोषणा कर दी है। जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।
अफवाह फैलाने वाले मैसेजों को रोकने के लिए उठाया यह कदम
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इसे देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। नागौर में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी। इस संबंध में नागौर जिला कलेक्टर गौतम ने आदेश जारी करते हुए बताया कि 10 जून को शाम 5 बजे से लागू होकर 12 जून को देर रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लागू रहेगी।
इससे पहले भी आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद बवाल मचने और हिंसक प्रदर्शन होने पर नागौर, सीकर और चुरु में प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अफवाह फैलाने वाले मैसेजों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करवा दिया था। जिसे पांच दिन बाद बहाल किया था। वहीं, हुंकार रैली को देखते हुए मेगा हाइवे से सांवराद जाने वाले रास्ते पर अस्थाई चौकी बनाकर पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है। वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच पड़ताल की जा रही है।