पुलिस एक बदमाश को पकड़ने गई थी। इस दौरान कमरे में अंधेरा था और वहां सो रहा एक मासूम किसी पुलिसकर्मी के पैरों तले कुचल गया।
यह घटना राजस्थान के भरतपुर जिले में कामां थाना इलाके कके विरार गांव की है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। उधर, पुलिस अधिकारी ग्रामीणों के इस आरोप को नकार रहे है।
बताया जा रहा है कि सीआे कामां रायसिंह बेनीवाल के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की टीम बदमाश नखरू मेव को पकड़ने के लिए उसके ससुराल विरार गांव गर्इ थी। आरोप है कि यहां घर में नखरू की तलाशी के दौरान किसी पुलिसकर्मी का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर कमरे में सो रहे मासूम बच्चे पर पड़ गया। जिससे बच्चे की मौत हो गई।
बच्चे का जन्म रात को हुआ था .
नवजात का जन्म
- फोटो : Demo pic
घटना का पता चलने पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। उन्होंने पुलिस का घेराव किया। इससे पुलिस टीम बैकफुट पर आ गई और वहां से लौट गई। ग्रामीणों ने नवजात के शव को रखकर प्रदर्शन किया। हालांकि, कोतवाल राकेश कुमार का कहना है कि बच्चे का जन्म रात को हुआ था आैर इसके बाद नवजात की मौत हो गर्इ थी। जब पुलिस आज तड़के दबिश देने मकान में गई तब वांछित व्यक्ति के परिजनों ने बच्चे की मौत का दोष पुलिस पर मढ़ दिया।
गौरतलब है कि कोटा के देवलमांझी गांव में बदमाश राकेश को पकड़ने गई थी। जहां ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया तो बचाव में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इसी दौरान एक गोली राकेश की पत्नी को लग गई। इससे भी बवाल मच गया।