चोरी के कथित मामले में फंसी एक महिला का स्कूटर छोड़ने और पति से रिमांड के दौरान सख्ती नहीं बरतने के लिए उदयपुर पुलिस के एएसआई ने 50 हजार रुपए की डिमांड की। बाद में मामला 30 हजार रुपए में तय हुआ। एसीबी ने ये राशि लेते एएसआई के दलाल को अरेस्ट कर लिया जबकि एएसआई फरार हो गया।
एसीबी को मिली शिकायत के अनुसार, शहर के भुवाणा क्षेत्र के गांधीनगर निवासी लक्ष्मी पत्नी संदीप परिहार को प्रतापनगर थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। जिसे बाद में जमानत मिल गई। जांच अधिकारी एसआई जगदीश चन्द्र सेन ने लक्ष्मी के स्कूटर को जांच के दौरान जब्त कर थाने में रखवा दिया था। जमानत पर छूटने के बाद लक्ष्मी स्कूटर लेने पहुंची तो जगदीश सेन ने उसके पति को फंसाने की धमकी दी। उसने स्कूटर को छोड़ने व पति को बचाने के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।
लक्ष्मी ने यह राशि देने से मना कर दिया तो जगदीश ने प्रतापनगर पोस्ट ऑफिस के पीछे रहने वाले सलीम पुत्र शफी मोहम्मद से मिलने को कहा। सलीम यह मामला 30 हजार में सुलझाने पर उसे रजामंद कर लिया। उधर, लक्ष्मी ने एसीबी को इसकी शिकायत कर दी। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी के सीआई हरिशचन्द्र सिंह, मुकेश सोनी की टीम ने आरोपित सलीम को गांधीनगर से 30 हजार रुपए लेते गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी राजेश भारद्वाज ने बताया कि दलाल की सूचना पर ब्यूरो की टीम आरोपी एसआई को पकड़ने प्रतापनगर थाने पहुंची, लेकिन उससे पहले ही उसे भनक लग गई और वह मौके से भाग गया। फिलहाल टीम ने थाने में उसके कमरे को सील कर दिया है। पैतृक आवास काकरवा भूपालसागर में भी एक टीम रवाना की गई है।