जोधपुर में दुष्कर्म के आरोपी आसाराम की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में सीनियर एडवोकेट से हुई एक थानाप्रभारी की हुई तकरार ने तूल पकड़ लिया है। इससे प्रदेश के वकील एक बार फिर से आंदोलन की राह पर जाते नजर आ रहे है।
सीनियर एडवोकेट सज्जनराज सुराणा से कथित बदसलूकी के मामले में जोधपुर के उदय मंदिर थाना प्रभारी मदन बेनीवाल के निलंबन की मांग को लेकर वकीलों ने आज एक दिन का कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान कुछ जगह वकीलों ने विरोध में हाथ पर काली पट्टी बांधकर पैरवी की। जोधपुर व जयपुर हाईकोर्ट बार, जयपुर बार और जिला बार एसोसिएशन ने घटना पर कड़ी निन्दा की है।
थानाप्रभारी ने हाथ पकड़कर सुराणा को ही वहां से हटा दिया
वकील सज्जनराज सुराणा
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जानकारी के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट सज्जनराज सुराणा बार काउंसिल आॅफ राजस्थान के चेयरमैन रह चुके है और फिलहाल सदस्य है। नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार के मामले में आरोपी आसाराम की शनिवार को जोधपुर कोर्ट में पेशी पर थी। जहां काफी संख्या में उनके समर्थक इकट्ठा हो गए। पुलिस उन्हें खदेड़कर हटा रही थी।
इस दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे आसाराम के वकील सज्जनराज सुराणा को भी पुलिसकर्मियों ने धक्का देकर हटा दिया। इसे लेकर एडवोकेट सुराणा की ड्यूटी पर तैनात उदयमंदिर थानाप्रभारी मदन बेनीवाल से नोंकझोंक हो गई। इस घटना से वकील आक्रोशित है और थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर रहे है।
ये है एडवोकेट और थानाप्रभारी का कहना
कोर्ट में आसाराम
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मामले में थानाप्रभारी मदन बेनीवाल का कहना है कि कोर्ट परिसर में आसाराम समर्थकों के लिए धारा 144 लागू है। वे हाईकोर्ट के आदेशों की पालना के लिए समर्थकों को हटा रहे थे। वहीं, आसाराम के वकील इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए उन्हें उकसा रहे थे।
दूसरी तरफ, एडवोकेट सुराणा का कहना था कि कोर्ट परिसर में पुलिस समर्थकों पर लाठी बरसा रही थी। जो कि गलत है। पुलिस ने यह तब किया जबकि आसाराम कोर्ट से जा चुके थे। उन्होंने पुलिस के इस कृत्य पर आपत्ति जताई तो उनके साथ भी बदसलूकी की।