भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही आॅफिस में तैनात कनिष्ठ अभियंता, सचिव और सरपंच को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एनिकट का बिल पास कराने की एवज में रिश्वत ली थी।
एसीबी के आईजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रीती सैन है। वह मावासा वाटरशेड कार्यालय, कोटा में जेईएन के पद पर कार्यरत है। एसीबी ने आज महिला जेईएन को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। साथ ही, इसी कार्यालय में पदस्थापित ग्राम सचिव सुरेश और मावासा सरपंच रमेश को 18 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।
परिवादी फारुख ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि मवासा वाटर साइट कार्यालय द्वारा उसे एनिकट निर्माण के कार्य का ठेका दिया गया था।
शिकायत का सत्यापन होने पर रचा गया ट्रैप, जिसमें...
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परिवादी के अनुसार एनिकट निर्माण कार्यों के करीब 2 लाख 40 हजार रुपयों के बकाया बिल अटके हुए थे। इन बिलों को पास कर भुगतान करने की एवज में मवासा वाटर शेड कार्यालय में पदस्थापित कनिष्ठ अभियंता प्रीती सेन ने 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। साथ ही, सचिव सुरेश और मवासा सरपंच रमेश द्वारा 18 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।
इस पर एसीबी के एएसपी चंद्रशील ठाकुर के नेतृत्व में एसीबी टीम गठित की गई। शिकायत का सत्यापन होने पर ट्रैप रचा गया। जिसमें आज कनिष्ठ अभियंता प्रीती सेन को जिला परिषद स्थित उनके आॅफिस में रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। वही, सचिव सुरेश को एरोड्रम सर्किल के पास से पकड़ा और सरपंच रमेश को कैथून में पकड़ा।
एसीबी अब आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। साथ ही, इस रिश्वत प्रकरण में और किसकी भूमिका है इसकी भी एसीबी जांच कर रही है।