एक मृत बच्चे की मौत के बाद डॉक्टर को तरस नहीं आया और उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने की एवज में ही रिश्वत की मांग कर डाली। मामला एसीबी तक पहुंचा तो एसीबी ने आज डॉक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर देहात की टीम ने यह कार्रवाई राजधानी जयपुर में की। जहां उसने ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सेठी कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट सेटेलाइट अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर बीएल मीणा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी टीम ने यह कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर रामसिंह जाट के नेतृत्व में की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर मीणा मेडिकल ज्यूरिष्ट है। उसके खिलाफ परिवादी ने एसीबी में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि उनके बच्चे की पिछले दिनों मौत हो गई।
पहले भी पकड़े जा चुके है मेडिकल ज्यूरिष्ट
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- फोटो : अमर उजाला
इस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के लिए सेटेलाईट अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिष्ट में आवेदन किया था। इस रिपोर्ट को बनाने की एवज में डॉक्टर बीएल मीणा ने रिश्वत की मांग की। शिकायत का सत्यापन करने पर भी आरोप सही पाया गया। तब एसीबी ने आज परिवादी को 10 हजार रुपए रिश्वत की रकम लेकर डॉक्टर बीएल मीणा के पास भेजा।
जहां रिश्वत लेने के बाद ईशारा मिलते ही एसीबी ने डॉक्टर बीएल मीणा को गिरफ्तार कर लिया। उससे रकम बरामद कर ली। मेडिकल ज्यूरिष्ट को सेटैलाईट हॉस्पिटल, सेठी कॉलोनी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले भी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिष्ट के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले आ चुके है।