वो अपनी सच्चाई सबको समझा रही थी, लेकिन उस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। चरित्र पर दाग भी लगने लगे थे। ऐसे में जब वो सब को समझाते-समझाते थक गई तो उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
मामला राजस्थान के दौसा जिले से जुड़ा है। यहां में बारहवीं क्लास की एक छात्रा ने फंदे पर झूलकर जान दे दी। छात्रा ने तीन पेज का एक सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें छात्रा ने परिवार जनों को अपने बारे में चल रही गलतफहमी को लेकर सफाई दी है। उसने अपने आप को बेगुनाह साबित होने का दावा किया।
छात्रा सपना मीणा यहां पायलट नगर में किराए से रहती थी। सुबह उसे फंदे से लटका देख मकान मालिक ने उसकी सूचना पुलिस को दी। सपना निजी स्कूल में पढ़ती थी। कल रात वह खाना खाकर सोने चली गई थी। सुबह जब उसके फंदे से खुदकुशी करने की जानकारी मिली तो मोहल्ले में हड़कम्प मच गया।
सुसाइड नोट में नजर आया दर्द
सुसाइड नोट
पुलिस ने सपना के कमरे से तीन पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है। इस सुसाइड नोट में उसने कई बातें लिखी हैं। उसने लिखा है कि '... सॉरी मम्मी, सॉरी पापा अब मैं थक गई हूं। अब मैं आपको और नहीं समझा सकती। आप मेरा विश्वास नहीं कर पाओगे, अब मैं आप लोगों को कुछ नहीं समझाउंगी।'
'...सचाई आपके सामने आ जाएगी, कौन कैसा है और आपसे हाथ जोड़कर गुजारिश है कि मेरे जाने के बाद मेरे स्कूल में जरुर जाकर आना।... ओके गुड बाय मम्मी पापा। सॉरी दुख है कि मैं जाते-जाते आपकी शक्ल नहीं देख पाई।'
उसने आगे लिखा है,' ....आपको शायद पता चल जाएगा कि कौन कैसा है और आपको जाते-जाते एक बात बताने जा रही हूं और लोगों का तो पता नहीं किसने मेरे बारे में क्या बोला है।'
...वो एक भाई कहलाने के लायक नहीं
suicide
सपना ने लिखा कि ' ... जो मेरे बारे में आपको गजेंद्र ने बोला है। ...लेकिन वो एक भाई कहलाने के लायक नहीं है। मैं भी जानती हूं वो कैसा है और शायद वो खुद भी जानता है वो कैसा है। उसने अपनी मामा की बेटी के साथ गंदी हरकत की है। ये वो ही जानता है।'
'...माया दीदी आप बोल रहे थी ना कहीं दूर जाकर मर जा। अब मैं आपको मेरी शक्ल नहीं दिखाउंगी। ...मेरे जाने के बाद मेरे बारे में पूरी छानबीन करना। सॉरी मम्मी-पापा मेरे पास आपको समझाने के लिए अब कुछ नहीं बचा है।' पुलिस ने पत्र को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।