जयपुर की महिला उत्पीड़न मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अभियुक्त पति सद्दान हुसैन को सात साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने यूपी निवासी अभियुक्त पर पन्द्रह हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को महिला का पति होने के आधार पर उसके साथ मारपीट करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है। मामले के अनुसार 27 अगस्त 2015 को एसआई डालूराम ने एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में अभियुक्त की पत्नी हसीन जहां के बयान दर्ज किए। बयान में महिला ने बताया कि उसका विवाह अभियुक्त से 2011 में हुआ था। अभियुक्त उसके चरित्र पर शक करता था। जिसके चलते आए दिन वह उससे मारपीट करता था। आज सुबह वह मोबाइल पर बात कर रही थी। इतनी देर में अभियुक्त ने उससे मारपीट की और केरोसिन डालकर आग लगा दी। बयान देने के बाद उसी दिन महिला की मौत हो गई।