मैनुपरी के थाना घिरोर क्षेत्र में बुधवार रात को थाने से किशोरी ने लौटकर आई किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किशोरी के पिता को पुलिस ने थाने में बैठा लिया था। इसके बाद किशोरी को यह कहकर बुलाया कि वह थाने आकर गवाही दे। इसके बाद थाने गई किशोरी ने घर लौटकर मौत का रास्ता चुन लिया।
बताया गया है कि थाना घिरोर क्षेत्र के एक गांव से एक युवती प्रेमी के साथ चली गई थी। पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। पूछताछ करने पर युवक ने पुलिस को बताया कि गांव की एक किशोरी भागी हुई लड़की के बारे में जानती है।
इसके बाद बुधवार को पुलिस उस किशोरी के पिता को थाने ले गई। यहां से पुलिस ने फोन कर किशोरी से कहा कि वह थाने आकर जानकारी दे, नहीं तो उसके पिता को नहीं छोड़ेंगे। इस पर किशोरी थाने पहुंची और वहां महिला आरक्षियों व अन्य पुलिसकर्मियों ने उससे अकेले में बातचीत की।
इसके बाद किशोरी थाने से घर लौट गई लेकिन वह गुमसुम रही और बिना खाना खाए ही कमरे में चली गई। रात को उसने कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में परिवारीजनों ने पुलिस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
इधर सीओ कुरावली शमशेर सिंह का कहना है कि यह बात सही है कि किशोरी से थाने में पूछताछ की गई थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे वह आत्महत्या कर ले। हो सकता है कि परिवारीजनों की डांट फटकार से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या की हो। एएसपी शिष्यपाल सिंह का कहना है कि तहरीर में ऐसी किसी भी बात का जिक्र नहीं है।