राजस्थान में स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने प्रदेश में घटित हुए अपराधों और उनसे जुड़े अपराधियों का डेटा आॅनलाइन कर दिया है जिससे अब पुलिस को अपराधियों से जुड़ी फाइलें नहीं खंगालनी पड़ेगी। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत अपराधों और अपराधियों के रिकॉर्ड्स को डिजिटलाइज किया गया है जिससे जांच अधिकारियों को एक क्लिक पर मामले से जुड़ी एफआइआर से लेकर चार्जशीट दाखिल किए जाने तक का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा।
इस सॉफ्टवेयर से प्रदेश के 861 पुलिस थानों को जोड़ा गया है जिसमें मामले से जुड़ी हर चीज को अपडेट किया जाएगा। क्राइम डेटा आॅनलाइन होने के बाद अब प्रदेश की पुलिस को काफी सहूलियत होगी और अपराधियों से जुड़ी तमाम जानकारी एक दूसरे से साझा करने में भी आसानी होगी। जयपुर में फिलहाल 24 थानों को इस सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है।
पुलिस के उच्चाधिकारियों के अनुसार इस प्रोजेक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने में 10 साल का समय लग गया जिसके बाद सोमवार से इस सॉफ्टवेयर को क्रिया में लाया गया। वहीं देश के बाकि राज्यों में तो बहुत समय पहले से ही यह सिस्टम काम कर रहा है।
कैसे काम करेगा यह सॉफ्टवेयर
इस सॉफ्टवेयर में अपराधी का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा जिसके तहत उसके खिलाफ एफआईआर से लेकर चार्जशीट और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल की जाएगी। इसके अन्य फीचर्स में ई एफआईआर भी शामिल है। वहीं इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से धरने प्रदर्शन,कार्यक्रम करने की भी अनुमति दी जाएगी और एम्प्लॉय वेरिफिकेशन करने की भी सुविधा उपलब्ध होगी। सॉफ्टवेयर पर काम करने का प्रशिक्षण पुलिस को दिया जा चुका है।