महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-9 ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव की ओर से सवर्ण जाति के खिलाफ टिप्पणी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने से इंकार कर दिया है। अदालत ने इस संबंध में परिवादी को अदालत में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराने को कहा है।
परिवादी आनंदसिंह की ओर से परिवाद में कहा गया कि पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने गत दिनों उन्होंने यूपी के अधिकारी को धमकाया कि वह ठाकुर-ब्राह्मण जाति का होता तो उसे लाठी से पीटता। जिसकी जानकारी परिवादी को समाचार पत्र के माध्यम से हुई। इसके बाद समाज के लोगों ने परिवादी को समाज की संस्थाओं से हटने के लिए कहा, क्योंकि समाज का प्रतिनिधि होने के बाद भी परिवादी ने आरोपी पूर्व सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।