राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के कुशालगढ़ में सीलिंग एक्ट में जब्त भूमि पर अवैध रूप से होटल चलाने पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्रसिंह, उनकी पत्नी अम्बिका सिंह, मुख्य सचिव, प्रमुख पर्यटन सचिव और जेवीवीएनएल के एमडी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश अशोक पाठक की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि कुशालगढ़ में पूर्व महाराजा स्व. तेजसिंह की आठ बीघा भूमि सीलिंग एक्ट के तहत वर्ष 2005 में जब्त होने के बाद भी अलवर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्रसिंह ने भूमि का कब्जा नहीं छोड़ा।