राजस्थान हाई हाईकोर्ट ने सवाई माधोपुर के बोली थाना इलाके से अपहृत हुई नाबालिग युवती को उसके माता-पिता के संरक्षण में सौंपने के आदेश दिए हैं। अदालत में पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह नाबालिग युवती और उसके परिजनों को पुलिस अभिरक्षा में उनके घर तक पहुंचाए।
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश शिवदयाल की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता की नाबालिग पुत्री का 20 सितंबर 2017 को सद्दाम ने अपहरण कर लिया था इस संबंध में बौली थाना में अपहरण की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। वही अदालती आदेश पर पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर हाईकोर्ट में पेश किया। हाईकोर्ट के पूछने पर पीड़िता ने बताया कि उसकी उम्र 17 साल है और वह अपने माता पिता के साथ जाना चाहती है। इस पर अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए कि वह पीड़िता को माता पिता के संरक्षण में सोंपे और उन्हें पुलिस अभिरक्षा में घर तक पहुंचाए।