राजस्थान हाईकोर्ट ने एएनएम भर्ती-2013 में प्रदेश से बाहर के ओबीसी अभ्यर्थी को सामान्य वर्ग में मानने के मामले में अदालती आदेश की पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अदालत ने 6 सितंबर तक आदेश की पालना करने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं होने पर अदालत ने चिकित्सा सचिव वीनू गुप्ता और अतिरिक्त निदेशक राजेश शर्मा को हाजिर होने को कहा है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश ऊषा रानी व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता मूल रूप से हरियाणा के ओबीसी वर्ग की हैं। याचिकाकर्ताओं का राजस्थान में विवाह हुआ है। यहां भी उनकी जाति को ओबीसी वर्ग में ही माना गया है। इसके बावजूद एएनएम भर्ती-2013 में उन्हें सामान्य वर्ग में शामिल किया गया।
इस संबंध में हाईकोर्ट ने गत 28 फरवरी को आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को ओबीसी वर्ग में शामिल करने को कहा था। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से आदेश की पालना नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।