राजस्थान हाईकोर्ट में पीटीआई भर्ती-2011 के खाली पदों को प्रतीक्षा सूची से नहीं भरने के मामले में आरपीएससी सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक अदालत में पेश हुए। अदालत ने नाराजगी जताई की अदालती आदेश के बावजूद प्रमुख शिक्षा सचिव पेश क्यों नहीं हुए। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें दस मिनट में पेश होने के आदेश दिए। जिसकी पालना में प्रमुख शिक्षा सचिव नरेश पाल गंगवार तत्काल अदालत में पेश हुए।
गंगवार ने अदालत को बताया कि प्रकरण में उच्चतम न्यायालय में एसएलपी दायर की जा चुकी है। इस पर अदालत ने विभाग को आदेश दिए कि 29 अगस्त तक यदि उच्चतम न्यायालय से स्टे नहीं मिलता है तो आदेश की पालना की जाए। ऐसा नहीं होने पर अदालत ने संबंधित तीनों अधिकारियों को पेश होने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश कपिल हरितवाल की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि अदालत ने भर्ती के रिक्त पदों को प्रतीक्षा सूची से भरने के संबंध में गत 14 जनवरी 2016 को आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी आदेश की पालना नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गत दिनों आदेश जारी कर प्रमुख शिक्षा सचिव सहित अन्य अधिकारियों को पेश होने के आदेश दिए थे ।