राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी अध्यापकों को सलेक्शन स्केल का लाभ देने के मामले में उठे कानूनी बिन्दु को तय करते हुए कहा है कि सेवारत को नियमित करने की तिथि से सेवाकाल की गणना कर सलेक्शन स्केल दी जाए।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि अभी तक यदि किसी अध्यापक को एडहॉक नियुक्ति देने की तिथि से गणना कर सलेक्शन स्केल का लाभ दिया गया है तो वह उससे वापस नहीं लिया जाएगा। न्यायाधीश केएस झवेरी, न्यायाधीश वीएस सिराधना और न्यायाधीश वीके व्यास की वृहदपीठ ने यह आदेश इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से दायर करीब 132 अपीलों में उठाए गए कानूनी बिन्दु को तय करते हुए दिए।
मामले के अनुसार हाईकोर्ट की अलग-अलग खंडपीठों ने इस संबंध में विरोधाभासी आदेश दिए थे। एक खंडपीठ ने एडहॉक नियुक्ति तिथि से सेवाकाल की गणना कर सलेक्शन स्केल का लाभ देने के आदेश दिए थे, वहीं एक अन्य खंडपीठ ने नियमित करने की तिथि से गणना करने को कहा था। अलग-अलग आदेश को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कानूनी बिदु को तय करने के लिए गत दिनों तीन न्यायाधीशों की वृहदपीठ का गठन किया था।