अपने हक के लिए जूझ रही विदेशी बहू को राजस्थान हाईकोर्ट ने राहत की दी है। जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट ने पेरू की रहने वाली रोजस कारमैन को राहत देते हुए राज्य सरकार को उनके पुर्नवास के साथ विधिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
कारमैन को जब कहीं से राहत नहीं मिली तो थक—हारकर राजस्थान हाईकोर्ट में अपने दो मासूम बच्चों के साथ गुहार करने पहुंची थी। बृहस्पतिवार को डिप्टी रजिस्ट्रार के पास कारमैन ने अपनी आपबीती दर्ज करवाई। इसके बाद आज सुबह दोबारा रोजस कारमैन जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस गोवर्धन बाढधार की विशेष खंडपीठ में पहुंची। यहां से उसे न्याय मिला और सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए उसके प्रार्थना पत्र का निस्तारण किया गया।
राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि एम्बेसी से कारमैन के पूरे मामले की जानकारी ली जाए। जिला कलक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य सरकार की महिला छात्रावास में उसके रहने की व्यवस्था की जाए।
पेरू की रहने वाली कारमैन का कहना है कि जोधपुर निवासी योगेश जैन से हांगकांग में विवाह रचाया था और उसके साथ जोधपुर आकर रहने लगी थी। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हुए, लेकिन विवादों के चलते वह अब उनसे अलग रह रही है।