जनप्रतिनिधियों और लोकसेवकों को बचाने के लिए राजस्थान विधानसभा में लाया गया बिल सरकार की गले की फांस बन गया है। विपक्षियों के साथ सरकार के अपने ही विधायकों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान विधानसभा की मंगलवार को कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ समय बाद विवादित 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश-2017' को वापस लेने की मांग पर भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी अपनी ही सरकार के वरिष्ठ मंत्री गुलाबचंद कटारिया से भिड़ गए। दोनों में जमकर बहस हुई। वहीं कांग्रेस के सदस्यों ने भी विवादित बिल को लेकर जमकर हंगामा किया और वैल में उतर आए।
हालांकि हंगामे के बीच गुलाब चंद कटारिया ने इस बिल को प्रवर समिति को सौंपने का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से इस बिल को प्रवर समिति में भेजने के प्रस्ताव को सहमति दी। हंगामे के दौरान ही विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव मंजूर कर बिल को प्रवर समिति में भेजने की स्वीकृति दी।