कांग्रेस की महिला पार्षद ने बजट पेश कर रहे मेयर को पहनने के लिए अपनी चुड़ियां उतारकर दे दी जिसके बाद भारी हंगामा हो गया। ये मामला जोधपुर शहर से सामने आया है जहां नगर निगम महापौर घनश्याम ओझा ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश कर रहे थे। महापौर घनश्याम ओझा ने 73547.77 लाख का बजट सदन में पेश किया। बैठक के दौरान कई मुद्दों को लेकर विपक्ष पार्षदों ने हंगामा किया।
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इस दौरान कांग्रेस पार्षद किस्मत बानो ने महापौर घनश्याम ओझा पर नालों और सफाई सहित कई मुद्दों को लेकर काम नहीं होने की कहते हुए उनके आसन पर चूड़ियां रख दी और महपौर को चूड़ियां तक पहन लेने की बात कह डाली। मामूली हंगामे के बाद महापौर ने अभिभाषण पढ़ते हुए निगम बोर्ड के तीन वर्ष के कार्यकाल मे करवाए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
महापौर ने बताया की बोर्ड ने गत बोर्ड के ऋण और उस पर ब्याज का 3890.94 लाख रूपये का पुर्नभुगतान भी कर दिया है। अभिभाषण के बाद महापौर नें 735 करोड़ 47 लाख रूपयों का बजट प्रस्तुत किया जिस पर विस्तार से चर्चा के बाद पार्षदों ने बहुमत के साथ ध्वनिमत से पारित कर दिया।
महापौर घनश्याम ओझा नें वर्ष 2018-2019 के लिए कुल 73547.77 लाख की आय व्यय का बजट प्रस्तुत किया। ओझा नें बजट मे इस बार अमृत योजना के लिए 5000 लाख रूपए, सालावास में 50 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट के लिए 800 लाख, बासनी बेंदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 3000 लाख रूपए, नांदडी हेतु 400 लाख रूपए, उद्यानों के विकास के लिए 500 लाख रूपए, नई सड़कों के विकास के लिए 3000 लाख रूपए, शहर के हैरिटेज स्थानों के जीर्णोद्धार व घंटाघर के विकास के लिए 500 लाख रूपए, निगम सभा भवन में विभिन्न सुविधाएं जैसे अग्नि निरोधक विद्युत लाईनों का कार्य, भवन मे अग्नि संचार, संयत्र, फायर डिटेक्शन, फायर फाइटिंग, लिफ्ट और सभा भवन व समिति कक्ष में साउंड सिस्टम लगाने के लिए 100 लाख रूपए, सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था मे सुधार के लिए 2000 लाख रूपए, शहर के नगरीय सीमा पर स्वागत द्वार के निर्माण के लिए 50 लाख रूपए, शहर में अंतराष्ट्रीय ट्रेडिंग एवं एक्जीबिशन सेंटर के लिए टोकन के रूप मे 10 लाख रूपए, इतिहास का संग्रहालय बनाने की डीपीआर के लिए 25 लाख रूपए, श्वानों के बाड़े को अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए 10 लाख रूपए, गांधी नगर आवासीय योजना के विकास के लिए 1000 लाख रूपए, पदमसागर, गंगलाव, नया तालाब, गणेशपुरा तालाब, रामतलाई नाडी के विकास के लिए डीपीआर तैयार करवाने के लिए 50 लाख रूपयों का प्रावधान किया है।