राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इन दिनों अपने घर यानि धौलपुर जिले के हालात सुधारने में जुटी है। अफसरों को उन्होंने डेढ़ साल का वक्त दिया है। इस दौरान यहां मौजूद तमाम शिकायतों और समस्याओं को दूर करने की हिदायत दी है।
सीएम राजे पिछले तीन दिन से धौलपुर में स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में कैम्प किए हुए है। शनिवार को उन्होंने विभिन्न विभागों के अफसरों की बैठक ली और यहां चल रही योजनाओं की समीक्षा की। शिक्षा,सड़क एवं स्वास्थय समेत अन्य विभागों से संबंधित जो प्रोजेक्ट पाइपलाइन में है, उन्हें जल्दी ही धरातल पर लाने तथा नए प्रोजक्टों की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वे इस बात का भी ध्यान रखे कि इनकी लागत बेवजह नहीं बढ़े।
राजे ने निर्देश दिए कि धौलपुर को जल्दी ही ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाएं। सड़क और इसके किनारे कचरा नहीं दिखना चाहिए। मचकुंड सरोवर के कैचमेंट एरिया का वर्षा जल मचकुंड सरोवर में आना सुनिश्चित करें। परिक्रमा पथ व आसपास के विद्युत तारों को भूमिगत केबल में बदलें।
बैठक में धौलपुर शहर में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 33/11 केवी जीएसएस शुरू करने पर विचार हुआ। राज्य वित्त आयोग की अध्यक्ष ज्योति किरण ने शनिवार सुबह इन महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ बैठक की तथा कामकाज देखकर राजे को इस बाबत फीडबैक दिया।