मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय में दीपावली पर्व के आयोजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में असामजिक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम नहीं दें, इसके लिए सामाजिक संस्थाओं, कम्यूनिटी पुलिस, जनप्रतिधिगणों का सहयोग लें। सीएम ने प्रदेश में दीपावली पर्व की तैयारियों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सीएम गहलोत ने कहा कि राजकीय भवनों, पर्यटन स्थलों, सार्वजनिक महत्व के स्थानों और धार्मिक स्थलों पर रोशनी, स्वच्छता व्यवस्था और दीपावली से पूर्व ही सड़कों का दुरूस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। घरेलू और व्यापार मंडलों को सजावट के लिए मिलने वाली विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग आगजनी, सड़क और अन्य दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, चिकित्सक और नर्सिंग स्टॉफ 24 घंटे अलर्ट रहें। विभागीय अधिकारी, सीएमएचओ अस्पतालों का निरीक्षण कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
सीएम ने कहा कि ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चलाकर मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। राजस्थान की दीपावली का बड़ा महत्व है। दीपोत्सव में लाखों पर्यटक राजस्थान आते हैं। इसलिए पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन दीपदान के स्थान चिन्हित कर कार्यक्रम आयोजित कराएं। स्थानीय कलाकारों की ओर से विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कराएं। गहलोत ने कहा कि कोरोनाकाल के हालात मार्मिक रहे, जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इस दौरान सिर से माता-पिता का हाथ खोने वाले बच्चों, आश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों, दीन-दुखियों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रयास किए जाएं। दीपोत्सव के दौरान अधिकारी, जनप्रतिनिधि विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित कर उनके साथ पर्व मनाते हुए उनके चेहरों पर भी खुशियां लाने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया है कि जिस तरह कोरोना का हम सभी ने मिलकर सामना करते हुए पूरे देश में मॉडल स्टेट के रूप में पहचान बनाई, उसी तरह दीपोत्सव में भी हमें शांति, सद्भाव और प्रेम-भाईचारे का संदेश पूरे देश में देना है। हमें एकता का माहौल कायम करने के साथ-साथ दुर्घटनारहित और खुशियों भरा पर्व मनाना है। उन्होंने कहा कि ‘आओ हम सब मिलकर पर्व मनाएं’ के संकल्प के साथ दीन-दुखियों और अभावग्रस्त लोगों के दुख-दर्द को दूर कर उनके जीवन में उजाला लाने का कार्य करें। हमारा प्रयास हो कि इस दीपावली हर प्रदेशवासी के जीवन में खुशहाली आए।