एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने करीब एक सौ साठ करोड रुपए के विज्ञापन घोटाले के मामले में क्रियोन्स एड एजेन्सी के निदेशक अजय चौपड़ा की चार जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि प्रकरण में आरोप पत्र पेश होने के बाद केस की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में गंभीर आरोप देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।
जमानत अर्जियों में कहा गया कि प्रकरण में एसीबी उसके खिलाफ चारों मामलों में आरोप पत्र पेश कर चुकी है। जिसमें उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं आई है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए एसीबी की ओर से कहा गया कि आरोपी पर करोडों रुपए के घोटाले का आरोप है। प्रकरण में अभी जांच चल रही है। ऐसे में यदि आरोपी को जमानत दी गई तो वह जांच प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा पूर्व में हाईकोर्ट भी उसकी जमानत याचिका को खारिज कर चुका है।
मामले के अनुसार शंकर लाल ने वर्ष 2014 में एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्ववर्ती सरकार के समय सरकारी विज्ञापनों को क्रियोन्स के माध्यम से जारी किया गया। जिसमें मिलीभगत कर करीब एक सौ साठ करोड रुपए का घोटाला किया गया। सरकार से भुगतान उठाने के बाद कई विज्ञापन तो दिखाए ही नहीं गए और कई विज्ञापनों के बदले सरकार से उच्च दरे वसूल की गई। शिकायत पर एसीबी ने चौपडा सहित अन्य के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए। प्रकरण में 2 मई को चौपडा ने अदालत में आत्म समर्पण किया था।