सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के धोखाधड़ी मामले में राजस्थान में हुए निवेश का आंकड़ा सामने आ गया है। जयपुर और जोधपुर ज़ोन में ही करीब 7.50 लाख निवेशकों ने कुल 15 अरब 83 करोड़ का निवेश किया था, जिसमें से चार लाख 88 हज़ार निवेशकों के 5 अरब 9 करोड़ रुपये अटके हुए हैं। यह रकम सहारा ने नहीं लौटाई है। ATS के एक ASP की जांच रिपोर्ट के बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सहारा के 33 संचालक मंडल सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि एफआईआर में सहारा के चेयरमैन सुब्रत रॉय और उनकी पत्नी का नाम नहीं है। संचालक मंडल के जिन सदस्यों के नाम केस में दर्ज हैं उनके निवास स्थान की जानकारी भी एसओजी को नहीं है। इसलिए अब एसओजी इन आरोपियों के पते और जानकारियां जुटाने में लगी हुई है।
फर्जी तरीके से बांटे गए लोन
जिस जांच रिपोर्ट के आधार पर एसओजी ने केस दर्ज किया है, उसमें पता चला है कि सहारा ने निवेशकों के मैच्योर हो चुके निवेश का भुगतान नहीं किया। लोन के प्रोसेस में अनियमितता बरती और फर्जी तरीके से खाताधारकों को लोन देने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक ATS जयपुर के ASP हरिप्रसाद ने जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी है। इसमें सहारा की विभिन्न सोसाइटी और कंपनियों में निवेशकों से मिली धनराशि की धोखाधड़ी सामने आई है।
एफआईआर में संचालक मंडल के 33 सदस्यों के नाम
वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2020-21 तक के संचालक मंडल के सदस्य और पदाधिकारी देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, समरथ नियोगी, करुणेश अवस्थी, नीरज कुमार पाल, प्रशांत कुमार वर्मा, अनिल कुमार श्रीवास्तव, प्रलय कुमार पलीत, आरएल पटेल, गोविंद तिवाड़ी, लक्ष्मीकांत बनसी, पुष्कर वर्मा, शांतनु मुखर्जी, अरूप कुमार भट्टाचार्य, अनिल वर्मा, विनोद भगत, शरद कृष्ण चवन, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, लालजी वर्मा, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, बच्चा झा, बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, गजेंद्र नाथ शर्मा, हफीज उल्लाह, मीनाक्षी महेंद्र, सुनील चंद्र श्रीवास्तव, संजय अरोड़ा, हफीजुल्लाह हुकुम दार शेख, अंजु लता, पूजा शर्मा, आर. रमा कोटेश्वर राव, संजय कुमार रजक, विजय कुमार वर्मा, हरीश चंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पता जानने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को लिखा लेटर
एसओजी जयपुर के पुलिस अधीक्षक सेकंड विकास सांगवान ने कहा कि "सहारा मामले में हमने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक आधार पर 33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इनके निवास की स्थिति जानने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को पत्र लिखा गया है।"