विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ का किला देखना अब और आसान हो गया है। यहां तक पहुंचने के लिए अब सैलानी अब इलैक्ट्रिक कार सेवा का भी उपयोग कर सकते है।
किले तक पहुंचने के लिए पैदल चढ़ने में कई सैलानियों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर घुटनों के दर्द से परेशान और बुजुर्गों को। ऐसे में ये सेवा इनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी। भारतीय पुरात्तव विभाग ने दुर्ग को देखने के लिए यहां बैटरी से चलने वाली कार की सुविधा मुहैया करवाना शुरू कर दिया।
सोलह सीट वाली इस कार के जरिये उन लोगों को चित्तौड़गढ़ के किले की सैर कराई जाएगी जिन्हें चढ़ने—उतरने में परेशानी होती है। इनमें बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके लिए इनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ये कार किले के व्यू प्वाइंट से पद्मिनी पैलेस तक जाएंगी और वहीं से वापस आएंगी। बताया जा रहा है कि कारों की संख्या बढ़ने के बाद यहां आने वाले अन्य पर्यटकों को भी इनका लाभ मिल सकेगा। गौरतलब है चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अंदर बना रास्ता करीब तेरह किलोमीटर का है।