मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ ही उसमें पर्यावरण संतुलन के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी बचाए रखने की भी जरूरत है। कुछ इसी तरह की चर्चा मानसरोवर स्थित आईआईआईएम कालेज में चल रही दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस में हुई।
कांफ्रेंस के दूसरे दिन शनिवार को इमर्जिंग प्रोस्पेक्ट इन एजुकेशन विषय पर सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में सक्षम के डायरेक्टर नीतिन शर्मा ने अध्यक्षता की। सत्र में हुई चर्चा से सामने आया कि वर्तमान में शिक्षा के बदलते स्वरूप में कुछ गैर जरूरी बातें शामिल हो गई हैं। ध्यान इस बात पर दिया जाना चाहिए कि पर्यावरण तो कहीं शिक्षा से दूर नहीं होता जा रहा। एक अन्य सत्र क्लाइमेट चेंज पर आयोजित किया गया। इस सत्र में विशेषज्ञ अपर्णा सहाय ने पर्यावरण में हो रहे बदलावों और उनकी वजहों को सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने युवा एंटरन्प्रेन्योर को पर्यावरण को एक जिम्मेदारी के रूप में लेने की अपील भी की।
रोटरी क्लब जयपुर, गुरुकुल, इंडिया डवलपमेंट कोएलिशन अॉफ अमेरिका के सहयोग से आयोजित कांफ्रेंस में सोशल एंटरप्रेन्योर, उनके सामाजिक व पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।कांफ्रेंस में विशेषज्ञों ने जहां अपनी राय रखी, वहीं विद्यार्थियों ने क्लाइमेंट चेंज पर अपना प्रजेंटेशन दिया।