राजस्थान के कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में सरकार द्वारा निर्धारित पाठयपुस्तकों से भिन्न पाठयपुस्तकें लागू किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई संबंधित विद्यालय के विरुद्ध मान्यता नियमों के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि गैर सरकारी विद्यालयों के संबंध में इस प्रकार की शिकायतें मिली हैं कि वे अधिक कीमत की निजी प्रकाशकों की पुस्तकें अपने विद्यालय में चलाते हैं। फिर यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ये पुस्तकें किसी दुकान विशेष या विद्यालय से ही लिए जाने हेतु बाध्य करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति गलत है और अब ऐसी किसी भी शिकायत पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक के हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम का पाठयक्रम एवं पाठ्यपुस्तकें निर्धारित कर राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मण्डल, जयपुर के माध्यम से प्रकाशित करवाकर बाजार में उपलब्ध करवा दी गई हैं। यदि किसी गैर सरकारी विद्यालय में इन पुस्तकों से भिन्न पुस्तकें लागू किया जाना पाया गया तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध मान्यता नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) को निर्देश दिए गए हैं।