जालौर के ऐलाना गांव में एक छप्पर में लगी आग से मासूम भाई—बहन जिंदा जल गए। कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार बाड़मेर के तिलवाड़ा निवासी चौथाराम पुत्र केशाराम भील ऐलाना गांव में कृषि कार्य करता था। अभी यह जिस खेत पर काम कर रहा था वह गंगासिंह राजपूत का है। बुधवार शाम को ऐलाना गांव में खेत पर बने कुएं के पास ही चौथाराम के छप्पर में अचानक आग लग गई। आग के दौरान चौथाराम के तीन साल की बेटी पूजा और तीन महीने का मासूम बेटा हिम्मताराम छप्पर के अंदर ही थे। इससे दोनों मासूम आग में जिंदा ही जल गए।
जब छप्पर में आग लगी दोनों बच्चे अकेले ही थे, जबकि चौथाराम खेत पर ही कृषि कार्य में लगा हुआ था। हालांकि, आग लगने के बाद जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को इसकी भनक लगी वे तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन मासूम बच्चों को बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है।