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Rajasthan: BJP प्रवक्ता का तंज, कहा- कांग्रेस अध्यक्ष का पेपर लीक हुआ तो संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष बागी हो गया

Wed, 04 Jan 2023 02:57 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए गहलोत-पायलट खेमे और कांग्रेस आलाकमान के साथ खींचतान पर निशाना साधा। साथ ही कहा कि सरकार पर विश्वसनीयता का संकट है।
 
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भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने जयपुर में प्रदेश बीजेपी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर सीएम गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। त्रिवेदी ने कहा-पेपर लीक के लिए कुख्यात हो चुके राजस्थान में एक पेपर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी लीक हो गया था कि अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले हैं। जिसके बाद कांग्रेस का संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष बागी हो गया। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष भी उसी श्रेणी में आ गए। जो ऑब्जर्वर बनकर आए, उनसे कोई मिलने नहीं गया। ऐसी बेबसी केंद्रीय नेतृत्व की देखने को राजस्थान के अलावा कहीं और नहीं मिलेगी।

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ऐसा उदाहरण और कंफ्यूजन कहीं और देखने को नहीं मिलेगा

सुधांशु त्रिवेदी बोले-इस घटना के बाद कांग्रेस का कोई नेता किसी के बारे में अपशब्द बोलने लगा, कोई किसी के लिए कहने लगा कि ये एजेंडा से आए हैं। एक बड़े नेता यहां तक बोले कि उनके दिमाग का अलाइनमेंट बिगड़ गया है। ऐसा उदभुत उदाहरण देश की राजनीति में कहीं ओर देखने को नहीं मिलेगा, ऐसा कंफ्यूजन भी कहीं और देखने को नहीं मिलेगा।


उन्होंने कहा कि समस्याओं के निवारण से ज्यादा राजस्थान कांग्रेस सरकार के लोग एक-दूसरे के खिलाफ आपसी गुटबाजी करने और केंद्र से टकराहट में लगे हैं। राजस्थान की जनता को ये झेलना पड़ रहा है। अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार के राज में नौजवान परेशान, किसान हैरान, बिगड़ी अर्थव्यवस्था के कारण जनता हलकान और विचारधारा के नाम पर पाठ्यपुस्तकों में महाराणा प्रताप से ज्यादा अकबर महान, यह कांग्रेस सरकार का चार साल का राजस्थान है।

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त्रिवेदी ने कहा कि हम राजस्थान की जनता से आह्वान करते हैं कि सुख, शांति, समृद्धि को स्थापित करने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को महान बनाने और राजस्थान के गौरव के सूर्य को कांग्रेस सरकार की काली छाया से अलग हटाने के लिए आगे बढ़ें। त्रिवेदी ने पूर्व पीएम स्वर्गीय अटल बिहारी की कही हुई पंक्ति कही- ''भरी दोपहरी में अंधियारा, सूरज परछाई से हारा, अंतरतम का नेह निचोड़ें, बुझी हुई बाती सुलगाएं, आओ मिलकर दीया जलाएं।''


राहुल गांधी के कंफ्यूजन की शुरुआत जयपुर से हुई

बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी बोले- भारत जोड़ो यात्रा निकालने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कंफ्यूजन की शुरूआत जयपुर से ही हुई थी। अप्रैल 2021 में उन्होंने जयपुर में महंगाई पर रैली की और भाषण हिन्दुत्व पर दिया।  वह पहले हिन्दू और हिन्दुत्व पर कंफ्यूज रहते थे, फिर महंगाई पर भी कंफ्यूज हो गए ।


हम-धर्म संस्कृति के प्रति निष्ठावान समर्थन करते हैं

राजस्थान में समय-समय पर मंदिर तोड़े जाने और हाल ही में अजमेर में देवनारायण मंदिर की दीवार पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से तोड़े जाने पर बीजेपी की ओर से आंदोलन खड़ा नहीं हो पाने के मुद्दे पर सुधांशु त्रिवेदी बोले- हमेशा किसी भी धार्मिक स्थल या मंदिर के मुद्दे का  कोई विषय होता है, तो बीजेपी पूरी गम्भीरता के साथ खड़ी होती है। लेकिन हम में और कांग्रेस में अंतर है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में हमने कभी नहीं कहा कि मंदिर हम बनाएंगे। हमने कहा- राम मंदिर का निर्माण श्रीराम जन्मभूमि न्यास और संत बनाएंगे। हमारा काम उसका समर्थन करना और मार्ग प्रशस्त करना है। जबकि कांग्रेस के तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्ह राव ने कहा था कि तथाकथित बाबरी मस्जिद हम बनाएंगे। यूपी के तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह ने कहा था तथाकथित बाबरी मस्जिद हम बनाएंगे। ये होती है साम्प्रदायिक राजनीति और हम-धर्म संस्कृति के प्रति निष्ठावान समर्थन करते हैं।


बाल बुद्धि शब्द असंसदीय

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने कहा- कुछ राज्य की विधानसभाओं ने बाल बुद्धि शब्द को असंसदीय घोषित कर दिया है। वो इसलिए जरूरी है कि अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि के लिए आंदोलन हो रहा था। वो तो बालक राम थे। जब बड़े होकर वह राजा राम बनेंगे, तब सीता आएंगी। सियाराम तब होगा, जब राजा राम बनेंगे। जब तक बालक राम हैं, तब तक जय श्री राम ही होगा। दोबारा से कहता हूं कि बाल बुद्धि शब्द असंसदीय घोषित कर दिया गया है। बाकी जनता अपनी बुद्धि से खुद समझ सकती है।


राजस्थान के लोगों में गहलोत सरकार के लिए जनाक्रोश

सुंधाशु त्रिवेदी ने प्रेसवार्ता की शुरूआत में कहा- बीजेपी 10 जनवरी तक राजस्थान की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जन आक्रोश सभाएं पूरी कर लेगी। सवा दो करोड़ लोगों के साथ हम लोग संवाद करने में कामयाब रहे हैं। 92 लाख से ज्यादा लोगों को हमने सरकार के खिलाफ आरोप पत्र दिया है। हमने जनता की समस्या को भी समझने का काम किया है। साढ़े 14 लाख जन शिकायतें भी हमें मिली हैं। अब तक 1 लाख 15 हजार किलोमीटर का सफर यह यात्रा कर चुकी है।


गहलोत सरकार पर विश्वसनीयता का संकट
त्रिवेदी ने कहा- पिछले 4 साल के कांग्रेस सरकार के शासन में बदहाली, अराजकता और खतरनाक कट्टरता में दहकता राजस्थान है। राजस्थान की गहलोत सरकार अपने आप में विश्वसनीयता के संकट की प्रतीक हो गई है। क्योंकि जो वादे किए थे ,उनमें से कोई वादा पूरा नहीं किया। चाहे बेरोजगारों को भत्ता देने की बात हो या किसानों का कर्ज माफ करने और शांति स्थापित करने की बात हो। इसके उलट राजनीति में क्राइसिस ऑफ क्रेडिबिलिटी का सबसे बड़ा उदाहरण राजस्थान सरकार ने दिया है।

अपने ही विधायकों-मंत्रियों के खिलाफ देशद्रोह कानून का इस्तेमाल किया

सुधांशु त्रिवेदी बोले- 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि वो सिडेशन लॉ यानी देशद्रोह के कानून को खत्म कर देगी, क्योंकि इसका दुरूपयोग होता है। लेकिन 2019 के बाद पहली सरकार जिसने इस कानून का इस्तेमाल किया, वो राजस्थान कांग्रेस सरकार थी। जिसने अपराधी और आतंकवादियों के खिलाफ नहीं, विधायकों के खिलाफ इस कानून का इस्तेमाल किया। अपनी ही सरकार के विधायकों और मंत्रियों के खिलाफ किया। जिन पर उन्हें संदेह था। यह विश्वसनीयता के संकट का सबसे बड़ा उदाहरण है।


बेरोजगारों के पेपर लीक की सीरीज

त्रिवेदी ने कहा- राजस्थान में बेरोजगारों को पेपर लीक की श्रृंखला देखने को मिली है। राजीव गांधी स्टडी सर्किल और सरकार में स्थापित लोगों पर प्रत्यक्ष या इनडायरेक्ट रूप से पेपर लीक में आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह के आरोप लग रहे हैं, उससे लगता है कि सरकार चाहती तो पहले ही कार्रवाई कर सकती है। क्योंकि इनडायरेक्टली सरकार के लोगों का पेपर लीक में हाथ नजर आता है।


क्राइम और तुष्टीकरण बढ़ा

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा- राजस्थान क्राइम में नंबर वन है। महिला अपराध में भी टॉप पर है। एम्बुलेंस में रेप जैसी घटना तक यहां हुई हैं। कट्टरपंथी शक्तियों पीएफआई जैसे संगठन को रैली निकालने की परमिशन, उदयपुर में सर काट देने की घटना भी हुई है और सरकार कहती है कि हम गांधीजी की अहिंसा की विरासत के एक्सक्लूसिवली वन एंड सोल उत्तराधिकारी हैं। लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद सरकार अपने मुंह में दही जमाकर बैठ गई। जनता के मन में फिर आक्रोश होना स्वाभाविक हो जाता है। दूसरी ओर यहां के मंत्री रेप को लेकर बोलते हैं कि ये घटनाएं इसलिए हो रही हैं कि यह मर्दों का प्रदेश है। लेकिन सर कटने पर वो मर्दानगी धरी रह जाती है। राजस्थान के सीएम ने पिछले दिनों कहा 56 फीसदी महिलाओं की ओर से दर्ज केस झूठे होते हैं। इतनी सटीकता से प्रतिशत सीएम बता रहे हैं। ऐसा बोलना सरकार की संवेदनहीनता का सटीक उदाहरण है।

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