राजस्थान भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह प्रदेश के दौरे पर हैं। अरुण सिंह ने आमेर में एक सभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को इशारों-इशारों में ही प्रदेश का सबसे बड़ा नेता और आमेर विधानसभा को बहुत ही भाग्यशाली घोषित कर दिया। अरुण सिंह ने कहा कि आपका विधायक आने वाले समय में बड़ा नेता होगा।
दरअसल, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह अपने राजस्थान दौरे पर आमेर विधानसभा पहुंचे और एक जनसभा को संबोधित करते हुए सतीश पूनिया के लिए विधानसभा के लोगों से वोट की भी मांग कर डाली। हालांकि, बाद में अरुण सिंह बोले कि चुनाव अभी दूर है लेकिन आप को सतीश पूनिया को मजबूत करना है। क्योंकि पूरे देश में जब भी प्रदेश अध्यक्षों की बैठक होती है तो सबसे ऊपर राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष का नाम आता है।
पूनिया का काम देश में बढ़िया
पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ने की बात, फिर अरुण सिंह ने क्यों दिया अलग बयान
राजनीतिक जानकार अरुण सिंह के इस बयान को राष्ट्रीय नेताओं के साथ नहीं मेल खाने वाला बयान मानते हैं। कारण स्पष्ट है कि भाजपा के राष्ट्रीय नेता मोदी को अपना चेहरा मानते हैं और प्रदेश में चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़ना चाहते हैं लेकिन अरुण सिंह का बयान सतीश पूनिया को भाजपा प्रदेश का सबसे बड़ा चेहरा बता रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय नेताओं की बात सही मानी जाए या अरुण सिंह की, यह एक असमंजस की स्थिति पैदा करती है। दो अलग-अलग तरह के मत भाजपा के लिए ठीक नहीं है।
विधानसभा चुनाव से 13 महीने पहले मांगा वोट
वहीं आमेर विधानसभा में सतीश पूनिया के लिए चुनाव से 13 महीने पहले वोट मंगाना भी आमेर विधानसभा में भाजपा की स्थिति को दर्शाता है। अरुण सिंह का आमेर विधानसभा के लोगों को संदेह में डालकर बयान देना और इशारा देना कि सतीश पूनिया को कुछ बड़ा मिलने की ओर इशारा करता है। हालांकि, यह बयान भाजपा जैसी विचारधारा वाली पार्टी की नीतियों के अनुरूप नहीं है।
अब सवाल है कि प्रदेश में अगर सतीश पूनिया सबसे बड़े नेता हैं तो बाकी का क्या होगा। भाजपा में चल रही बयानबाजी के चलते अगर सभी नेता सतीश पूनिया की तरह प्रदेश प्रभारी से अपने लिए बयानबाजी करवाने लगे तो कांग्रेस की जगह कहीं भाजपा ही 30 सीट पर नहीं सिमट जाए।