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देश में तीन नासूर थे, जिन्हें भाजपा ने उखाड़ा - अमित शाह

Fri, 21 Jul 2017 06:33 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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भाजपा मुख्यालय में अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
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देश को तीन नासूरों से मुक्ति मिली है, भाजपा के सत्ता में आने के बाद। परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण। इन नासूरों को भाजपा ने उखाड़ा है। कांग्रेस का गठन आजादी के लिए हुआ था, इस पार्टी में सभी विचारधारा के लोग शामिल थे। इसकी स्थापना अंग्रेज ने की थी और गांधी जी ने आजादी के बाद कहा था कि कांग्रेस को बिखेर दो, जो आज कांग्रेस के लोग कर रहे हैं।
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यह कहना है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का। अमित शाह अपने तीन दिवसीय राजस्थान दौरे के दौरान आज जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित प्रबद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में भाजपा समेत कुछ ही पार्टियां है जिनमें आंतरिक लोकतंत्र है।

इसका उदाहरण उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वयं को बताया। दोनों ने ही अपना सफर एक साधारण कार्यकर्ता से शुरू किया और अपनी मेहनत एवं तेजस्विता के बल पर इतने बड़े पदों पर पहुंचे।
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मैं पोस्टर लगाता था और एक बूथ का साधारण सा कार्यकर्ता था- शाह

अमित शाह का जयपुर में स्वागत - फोटो : अमर उजाला
देश में 1670 राजनीतिक दल हैं और इनमें से सिद्धांतों और आंतरिक लोकतंत्र केवल भाजपा समेत कुछ दलों में है। इसकी बदौलत एक साधारण सा कार्यकर्ता इस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बनता है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं अन्य दलों की तरह भाजपा परिवारवाद, जातिवाद या क्षेत्रवाद के आधार पर नहीं चलती। शाह ने कहा कि उनकी जाति सुपारी के आकार से भी छोटी है। परिवार में कोई राजनीति में नहीं था। मैं पोस्टर लगाता था और बूथ नंबर 297 का एक साधारण सा कार्यकर्ता था।

उन्होंने कहा कि आज मैं दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। इसी तरह चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बना।  यह संभव हुआ है भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र और सिद्धांतों की वजह से।
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