केन्द्र सरकार के उपक्रम आईएल यानी इस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड पर तालाबंदी करने के बाद अब सरकार की अधिकृत कंपनी ने यहां रखी अरबों की मशीनों को ई-टेंडरिंग में घालमेल कर महज सवा दो करोड़ में बेच डाला। ये आरोप पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने लगाए हैं। उनका कहना है कि बेचान की इस पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए।
मामला कोटा की इस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड से जुड़ा है। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने जिस कंपनी को मशीनें खरीदने के लिए अधिकृत किया उसने अपने विश्वास की कुछ कंपनीयों की लिस्ट जारी की। इसके बाद दो बार ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को खारिज करवाया और तीसरी बार में पूना की सिर्फ एक 'प्रणाम' नाम की कंपनी के जरिए अरबों की मशीनों को महज सवा दो करोड़ में बेचान कर दिया। धारीवाल का कहना है कि इस पूरी टेंडर प्रक्रिया का राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के किसी अखबार में विज्ञापन नहीं दिया गया, ताकि अपनों को उपकृत किया जा सके।
पूर्व मंत्री धारीवाल ने मांग की है इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी।