सड़क पर बहरोड़ पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते मेघवाल समाज के लोग
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अलवर जिले के बहरोड़ थाने में दहमी गांव के एक दलित परिवार के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। इस कथित घटना के विरोध में बुधवार को मेघवाल विकास समिति और जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।
बहरोड़ थाना पुलिस पर करीब एक पखवाड़ा पहले किसी मामले में एक दलित परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप है। बताया जा रहा है कि इसका एक वीड़ियो भी वायरल हो रहा है बुधवार को पीड़ित परिवार सहित बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग और बानसूर विधायक शकुंतला रावत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस के अलवर प्रभारी जीआर खटाना, पूर्व विधायक महेंद्र शास्त्री, कृष्ण मुरारी गंगावत सहित कई कांग्रेसी नेता एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी रैली के रुप में कंपनी बाग से रवाना होकर मनी का बड, होप सर्कस से बजाजा बाजार होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारियों को अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान पुलिस प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। बाद में ये प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां भी दी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि दलित परिवार को मुआवजा देने, मारपीट करने के आरोपी बहरोड थाने के एएसआई को निलंबित करने और इस संबंध में दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर ये आंदोलन किया गया है। मेघवाल विकास समिति के जिलाध्यक्ष निहाल सिंह का कहना था कि इस आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया है।