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दास्तान ए प्रतिबंध: क्रिकेट की सत्ता से यूं बाहर होते गए ललित मोदी

Sat, 12 Aug 2017 08:59 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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ललित मोदी - फोटो : फाइल फोटो
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बीसीसीआई ने साफ कर दिया था कि जब तक ललित मोदी नागौर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने रहेंगे, राजस्थान क्रिकेट से जुड़े रहेंगे तब तक आरसीए पर से बैन नहीं हटेगा। इसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थी कि संभव है कि ललित मोदी खुद इस्तीफा दे दें। आखिर इन अटकलों पर विराम लग गया और ललित मोदी ने इस्तीफा दे दिया। अब बात यह है कि ये बैन लगा क्यों था।
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आरसीए पर बैन की कहानी साल 2013 से शुरू हुई। उस समय बीसीसीआई ने ललित मोदी को अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के चलते आजीवन प्रतिबंधित कर दिया। मोदी पर आठ आरोप लगाए गए थे, जिनमें उन्हें दोषी माना गया। इसके बाद सर्वसम्मति से मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।
 
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लगे थे कई गंभीर आरोप

cricket
बीसीसीआई की कमेटी ने कहा कि ललित मोदी को गंभीर अनियमितताओं और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है। लिहाजा बोर्ड अपने नियम और कानून की धारा 32 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ललित मोदी को बीसीसीआई से निष्कासित कर दिया। मोदी पर जो आरोप लगे थे, उनमें आईपीएल के दौरान पैसे की हेराफेरी और दो नई टीमों की नीलामी में गलत तौर-तरीके अपनाना शामिल थे। आईपीएल 2010  फाइनल के बाद उन्हें बीसीसीआई से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

इसके बाद साल 2014 में राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनावों में आजीवन प्रतिबंधित ललित मोदी आरसीए के नए अध्यक्ष चुने गए। वहीं दूसरी तरफ बीसीसीआई ने ललित मोदी को अध्यक्ष पद मिलने के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को सस्पेंड कर दिया। फिर मोदी ने नागौर क्रिकेट संघ से नाता बना रखा। हाल ही में आरसीए ने नागौर क्रिकेट संघ को सस्पेंड कर दिया और अब ललित मोदी ने अपना इस्तीफा देकर सारी लड़ाई खत्म ही कर दी।

 
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