राजस्थान हाईकोर्ट ने चाकसू नगर पालिका की अध्यक्ष को निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि पालिका के अधिशासी अधिकारी ने केवियट कैसे पेश कर दी? न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश अनिता गुर्जर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने अदालत को बताया कि स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने गत 7 सितंबर को याचिकाकर्ता को यह कहते हुए नगर पालिका के अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया कि प्राथमिक जांच में उन्हें नियमों की पालना किए बिना ही टेंडर जारी करने का दोषी पाया गया है। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि गत वर्ष तीस दिसंबर को विकास कार्य के संबंध में टेंडर जारी किया गया था, लेकिन भाजपा पार्षदों के विरोध के बाद गत 9 जनवरी को टेंडर निरस्त कर दिए गए। ऐसे में राज्य सरकार को किसी तरह की हानि नहीं हुई है। याचिका में कहा गया कि राजनीतिक द्वेषता के चलते याचिकाकर्ता का निलंबन किया गया है।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को पद पर बहाल करने के आदेश दिए हैं।