राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के मंगलवार को हुए चुनाव के परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि पांच जुलाई तक मतपेटियों को सील रखा जाए और ना तो मतों की गणना की जाए और ना ही चुनाव परिणाम घोषित किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश रामचंद सिंह झाला की अवकाशकालीन एकल पीठ ने यह आदेश राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता दीनदयाल खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता संघ के अध्यक्ष का गत चुनाव 13 अप्रैल 2016 में हुआ था। संघ के संविधान के नियम 9 के तहत अध्यक्ष का कार्यकाल डेढ साल का होता है। इसके बावजूद मंत्रीमंडलीय उप समिति (कर्मचारी कल्याण) के अध्यक्ष मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने गत 17 अप्रैल को कार्मिक विभाग के जरिए याचिकाकर्ता संघ के चुनाव कराने के निर्देश जारी किए।
मंत्री राठौड़ ने यह भी आदेश जारी किया कि यदि किसी गुट की ओर से चुनाव प्रक्रिया आरंभ की जाती है तो उसे भी निरस्त माना जाए। याचिकाकर्ता की ओर से शिवशंकर अग्रवाल को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया। चुनाव अधिकारी ने मेघराज पंवार को निर्विरोध अध्यक्ष भी निर्वाचित कर दिया। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता संघ को कमजोर करने के लिए विपक्षीगणों ने दूसरा चुनाव अधिकारी बनाकर मंगलवार 13 जून को चुनाव भी करवा लिए। ऐसे में इन चुनावों को अवैध घोषित कर रद्द किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने चुनाव परिणाम जारी करने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों व मंत्री को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।