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जानिए, आखिर क्यों समर्थकों के बिना आसाराम को याद आई दिवाली

Wed, 03 May 2017 06:25 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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आसाराम - फोटो : amar ujala
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जोधपुर कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान भले ही आसाराम के समर्थक दिखाई नहीं दे रहे हों, लेकिन बुधवार को उन्हें अचानक दिवाली की याद आ गई।
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दरअसल, बुधवार को कोर्ट में पेश होते समय आसाराम गुनगुनाते नजर आए। मीडिया के अधिक लोगों को देखकर भी उन्होंने कहा—क्या आज दिवाली आ गई है। इस दौरान आसाराम ने कहा कि पॉजीटिव सोच से ही सब कुछ पॉजीटिव होता है, समय एक समान नही रहता है। हर आदमी अपने ही नजरिये से समय को देखता है। मामले में आज नियमित सुनवाई हुई और बचाव पक्ष के गवाह के बयान दर्ज किए गए हैं। वहीं, कल भी मामले की नियमित सुनवाई जारी रहेगी।

उधर, आसाराम को पेशी पर लाए जाने के दौरान पुलिस के सामने उनके समर्थकों को समझाना बड़ा मुश्किल हो जाता था। कई समर्थक उनसे मिलने तक पहुंच जाते। इससे पुलिस को उन्हें पेशी पर ले जाने में परेशानी उठानी पड़ती थी। अभियोजन पक्ष ने कहा कि पिछली सुनवाई में आसाराम के समर्थकों ने कोर्ट में बहुत ही हुड़दंग मचाया था और सुरक्षाकर्मियों को उनको काबू करने में बहुत ही मशक्कत करनी पड़ी थी, यह अब रोज का मामला हो गया है।
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इसलिए आसाराम मामले की सुनवाई जेल परिसर में ही पुनः की जाए, जिससे सुरक्षा कर्मियों को भी मशक्क्त नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही, रोजाना आसाराम को कोर्ट लाने—लेजाने के सरकारी खर्च में भी मितव्यवयता रहेगी। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम मामले की सुनवाई फिलहाल कोर्ट परिसर में ही करने का निर्णय किया है। वरिष्ठ न्यायाधीश गोविंद माथुर व न्यायाधीश विनीत कोठारी की खंडपीठ ने यह आदेश मूलरूप से आसाराम मामले की सहआरोपी संचिता उर्फ शिल्पी की ओर से दायर याचिका में अभियोजन पक्ष की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिए।

खंडपीठ में आसाराम की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अरूण कुमार झांझरिया ने कहा कि आईंदा आसाराम के समर्थक हर हालत में कोर्ट से बाहर रहेंगे और उनके वाहन के पीछे दौड़ भी नहीं लगाएंगे।

गौरतलब है कि वर्ष 2016 में हाईकोर्ट ने समर्थकों से परेशान होकर अभियोजन पक्ष के आवेदन पर अधिसूचना जारी करते हुए आसाराम मामलों की सुनवाई जेल परिसर स्थित कोर्ट में करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन मामले में आसाराम की सह आरोपी संचिता उर्फ शिल्पी की ओर से दायर याचिका में निर्णय जारी करते हुए खंडपीठ ने आसाराम मामले की सुनवाई पुनः कोर्ट परिसर में करने के आदेश दिए थे।
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हालांकि इस मामले में अभियोजन पक्ष को आसाराम समर्थकों की ओर से असहयोग किए जाने पर पुनः जेल में सुनवाई का आवेदन किए जाने की छूट दी गई थी। इसी के तहत अभियोजन पक्ष ने यह आवेदन खंडपीठ में प्रस्तुत किया है। अब इस मामले में आठ मई के बाद ही हाईकोर्ट अपना निर्णय करेगा।
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