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मुम्बई से आए कारीगर बना रहे हैं संतों के लिए कुटिया

Mon, 03 Jul 2017 06:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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बन रही कुटिया - फोटो : amar ujala
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कहते हैं संतों की कुटिया भी संतों की तरह ही पवित्र होती है, क्योंकि उसमें प्रकृति का योग रहता है। यहां भी ऐसी ही तैयारी है जहां सैकड़ों संतों के लिए मुम्बई से आए कारीगर कुटिया बना रहे हैं। इन खास कुटियाओं में ये संत चार महीनों तक रहेंगे।
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ये कुटिया एक-दो नहीं बल्कि करीब 80 हैं, जिन्हें बनाने के लिए मुम्बई से खास कारीगर बुलाए गए हैं। जानकारी के अनुसार उदयपुर के उबेश्वर धाम में छह जुलाई से चातुर्मास का आयोजन शुरू होगा।

इसके लिए उबेश्वर धाम स्थित मां वैष्णोदेवी स्थल पर तैयारियां जोरों पर हैं। बताया जा रहा है कि इस चातुर्मास के दौरान काशी से पधारे दांडी स्वामी अवधेशानंद महाराज के सान्निध्य में विविध आयोजन होंगे।
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इन आयोजनों में काशी के 51 विशिष्ट संतों सहित तीन सौ अन्य संत रोजाना विशाल यज्ञशाला में हवन करेंगे और आहुतियां देंगे। इन संतों के रहने के लिए यहां ऋषि कुटिया का निर्माण भी किया जा रहा है।
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जोधपुर से मंगवाई जा रही है ये विशेष घास

संतों के लिए बनी कुटियां - फोटो : amar ujala
कुटिया के निर्माण के लिए धामण घास जोधपुर से मंगवाई गई है, जिसके जरिये इन कुटियाओं का निर्माण कार्य जारी है। आगामी छह जुलाई को यहां धाम में चातुर्मास के लिए संतों का मंगल प्रवेश होगा, जिसमें अवधेशानंद महाराज करीब 300 संतों और हजारों भक्तों के साथ उदयपुर के गंगोद्भव कुंड से उबेश्वर महादेव तक 17 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।

बताया जा रहा है कि चातुर्मास के दौरान रोजाना करीब 6-7 हजार लोग उबेश्वर धाम में संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।
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