पानी की कमी से जुझ रहे एक गांव के लिए कुछ प्रयास इस बार खुशखबरी लाए हैं। आमेर के गांव कांट में हाल ही में बनाए गए एक एनीकट पर हाल ही में हुई बारिश के बाद काफी पानी जमा हो गया है। इससे गांव वालों के चेहरे खिल गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बारिश का दौर शुरू होने के बाद यहां पानी प्रचुर होगा, जिससे आस पास के कुए भी लबालब हो सकेंगे।
दरअसल, जयपुर जिले की पंचायत समिति आमेर के ग्राम कांट में कई सालों से लोग जलसंकट से जूझ रहे थे। गांव में गुड़ीया के बंधे के निकट जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विकास विभाग की ओर से एनीकट बना दिया गया। विगत दो दिनों में हुई मानसून पूर्व की बारिश से काफी मात्रा में पानी की आवक हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में इस एनीकट के लबालब भरने और ग्राउंड वाटर रिचार्ज से डार्क जोन में शामिल इस क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
मानसून की बारिश से इस एनीकट के लबालब भरने एवं ढांचे में एकत्रित जल से ग्राउंड वाटर रिचार्ज द्वारा गांव के 22 कुओं में जल स्तर बढ़ने की राह प्रशस्त होगी। इसके फलस्वरूप ग्रामवासियों को पेयजल तथा फसलों की सिंचाई के लिए अधिक भू-जल उपलब्ध हो सकेगा।
जयपुर से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के ज्यादातर जलस्रोत सूखने की स्थिति में आ गए थे। यहां जल संग्रहण संरचनाओं और ढांचों की कमी के कारण धरती के लिए अमृतरूपी वर्षा जल बहकर व्यर्थ चला जाता था। इसी को ध्यान में रखते हुए जयपुर जिले में फोर वाटर कंसेप्ट के तहत यहां बारिश के पानी को सहेजने की योजना बनाई गई। आमेर में कांट के इस एनीकट में पहली बरसात से पानी की आवक क्षेत्र के लोगों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है।