बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। इस एनकाउंटर मामले ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था और निर्वासित जीवन बिताने को मजबूर कर दिया था।
वर्ष 2005 को गुजरात में हुए इस एनकाउंटर की जांच सीबीआई को सौंपने के बाद 35 लोगों को आरोपी बनाया गया था। जिसमें गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी सम्मलित थे। जब मामले की तपिश बढ़ने लगी तो वर्ष 2010 जुलाई में अमित शाह ने अहमदाबाद में सरेंडर कर दिया।
इसके बाद तीन माह तक शाह जेल में रहे। अमित शाह पर हत्या, अपहरण, आपराधिक षड़यंत्र और वसूली सहित कई संगीन आरोप थे। लेकिन वर्ष 2010 अक्टूबर में शाह को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। शाह को गुजरात नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी गई थी।