अजमेर स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में 805वें उर्स के दौरान जायरीनों को एक अजीब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल ख्वाजा की दरगाह और उसके आसपास इलाकें में इन दिनों बन्दरों का आतंक है। जायरीन के हाथ में कोई खाने की चीज या थैला देखते हैं ये बंदर उन पर लपक पड़ते है। कुछ घटनाएं तो ऐसी भी हुई है जब यहां जायरीन पर बन्दरों ने हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया।
दरगाह प्रशासन और अजमेर नगर निगम इस गंभीर समस्या को लेकर अनजाना बना हुआ है। खादिम सैयद जुल्फिकार चिश्ती ने बताया कि दरगाह में पिछले काफी समय से बंदरों ने आतंक मचा रखा है। अब तो ये बंदर जायरीनों पर भी लपकने लगे हैं। इस संबंध में खादिम समुदाय ने जायरीनों की सुरक्षा को देखते हुए दरगाह कमेटी और नगर निगम को पत्र लिखे, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।