राजसमंद में दिल दहला देने वाले लाइव मर्डर केस में हैवानियत का शिकार हुए बंगाली ठेकेदार अफराजुल पराए देस में रहकर भी अपना नाम कमा रहा था। अफराजुल की हत्या यहां मजदूरी कर रहे लोगों के जहन में घर कर गई है तो वहीं लोग ठेकेदार अफराजुल के अच्छे सादा जीवन और अच्छे व्यवहार को भी नहीं भूल पा रहे हैं।
बताया गया है कि स्थानीय लोगों के साथ साथ अफराजुल की उसके पास मजदूरी करने वालों में भी व्यवहार के कारण अच्छी पैठ बन गई थी और उसका काम भी बढ़ने लगा था। अफराजुल को किराए का मकान देने वाले मकान मालिकों का कहना है कि उसका यहां किसी से कोई विवाद नहीं था और ना ही वो यहां किसी से कोई फालतू बात करता था। सुबह काम पर जल्दी घर से निकल जाने वाला अफराजुल शाम को देर से ही लौटता था और उसकी मेहनत भी धीरे धीरे रंग ला रही थी।
बताया गया है कि अफराजुल अपने गांव भी साल में एक ही बार जाता था और यहां उसका लगभग सारा समय काम करने में ही बीत रहा था। अफराजुल के साथ काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि वो उनके लिए खाना बनाने से लेकर उनके परिजनों का ध्यान रखने का भी काम करता था और कभी किसी मजदूर को बेवजह परेशान नहीं करता था।