दलित लेखिका डॉ कुसुम मेघवाल को इन दिनों काफी धमके भरे फोन और आपत्तिजनक मैसेज मिल रहें है। जिसका कारण है महाराणा प्रताप को लेकर लिखी गई उनकी किताब महाराणा प्रताप भील राजपुत्र थे, राजपूत या क्षत्रिय नहीं।
दरअसल इस किताब में महाराणा प्रताप को भील बताने को लेकर मेघवाल को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। डॉ. मेघवाल के अनुसार यह कैसी स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति है कि उन्हें इस प्रकार की धमकियां मिल रही है। वहीं जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र गोयल के अनुसार इस मामले की जांच की जा रही है। डॉ कुसुम मेघवाल के अनुसार वे अब तक करीब 65 किताबें लिख चुकी है। उनका कहना है कि भील कोई जाति नहीं होती है। इसका संस्कृत में अर्थ योद्धा या शूरवीर होता है।
डॉ मेघवाल को व्हाट्स एप पर भी कई प्रकार की धमकियां मिल रहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।