देश में तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहां सबसे पहले एक किन्नर को पुलिस फोर्स में सब इंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्ति मिली थी। अब राजस्थान में भी जालौर की रहने वाली एक 24 वर्षीय किन्नर गंगा कुमारी ने पुलिस कांस्टेबल की ना केवल परीक्षा पास की अपितु शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी वह सफल रही है। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह किन्नर गंगा कुमारी पोस्टिंग आॅर्डर का इंतजार कर रही है। जबकि उसके साथ परीक्षा पास करने वाले अन्य प्रतियोगी ना केवल अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके है अपितु उन्हें नियुक्ति भी मिल गई है। प्रशासनिक व्यवस्था के भेदभावपूर्ण रवैये से परेशान होकर गंगा कुमारी पिछले दो वर्ष के दौरान प्रदेश के डीजीपी से लेकर जालौर के पुलिस अधीक्षक तक से मिल चुकी है। लेकिन अभी तक उसे कोई राहत नहीं मिली है। व्यवस्था से दुखी होकर कुमारी ने अब जोधपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
किन्नर होना क्राईम नहीं है
गंगा कुमारी का कहना है कि पुलिस कांस्टेबल की भर्ती वर्ष 2013 में निकली थी। इसके बाद उसने लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा पास की। मेडिकल टेस्ट के दौरान लिखा गया कि वह किन्नर है। कुमारी का कहना है कि किन्नर होना कोई क्राइम नहीं है। भारत में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलते है। कुमारी का आरोप है अंतिम रुप से चयन के लिए 208 उम्मीदवार सूची में थे। जिसमें उसका नम्बर 148वां था। लेकिन सभी 207 उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल चुकी है जबकि उसे अभी तक नियुक्ति पत्र का इंतजार है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में भी पुलिस में सब इंस्पेक्टर की नियुक्ति पाने वाले किन्नर को लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी पड़ी थी।