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किन्नर पहनेगी पुलिस की वर्दी, हाईकोर्ट ने दिए आदेश, यहां का पहला मामला

Mon, 13 Nov 2017 06:08 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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जालौर निवासी किन्नर गंगाकुमारी - फोटो : social media
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ये यहां का पहला व देश का तीसरा ऐसा मामला होगा, जब किसी किन्नर को पुलिस में नियुक्ति दी जाएगी। 
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जालौर निवासी किन्नर गंगाकुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए छह सप्ताह में नियुक्ति देने एवं साल 2015 से ही नोशनल बेनिफिट देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश दिनेश मेहता की अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितुराज सिंह ने पैरवी करते हुए कहा कि गंगाकुमारी पुलिस कांस्टेबल के पद के पात्र होने के बावजूद जालौर पुलिस अधीक्षक द्वारा नियुक्ति नहीं दी गई।

जानकारी के अनुसार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में चयनित किन्नर की नियुक्ति को लेकर पुलिस गृह विभाग के आला अधिकारी पशोपेश में थे। पिछले तीन साल से गृह विभाग पुलिस के अधिकारी किन्नर की नियुक्ति को लेकर निर्णय नहीं कर पा रहे थे। लम्बे समय तक मामले की फाइल गृह विभाग में पड़ी हुई थी।
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पहली बार आए एेसे मामले में पुलिस नियमों में उलझी

rajasthan police headquarter - फोटो : Demo pic
पुलिस भर्ती परीक्षा में किन्नर का हिस्सा लेना उसमें चयनित होने का राजस्थान पुलिस के पास पहला मामला सामने आया था। ऐसे में पुलिस अधिकारी नियमों को देखकर नियुक्ति नहीं दे पा रहे हैं। अब हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को आदेश दिए हैं कि छह सप्ताह में नियुक्ति दी जाए।

गौरतलब है कि वर्ष 2013 में 12 हजार पदों के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। परीक्षा में प्रदेश के सभी जिलों में 1.25 लाख अभ्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। इसमें से पुलिस ने 11400 अभ्यार्थियों का कांस्टेबल पद के लिए चयन कर लिया था।

इसमें रानीवाड़ा थाना इलाके जालौर में रहने वाली गंगाकुमारी पुत्री बीकाराम का भी चयन हो गया। सभी अभ्यार्थियों का मेडिकल कराया गया तो गंगा के किन्नर होने की पुष्टि हुई। ऐसे में नियुक्ति को लेकर पुलिस अधिकारी असमंजस में पड़ गए।
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यूं घूमती रही फाइल और बीतते गए दिन

court - फोटो : demo pic
गंगा के किन्नर होने की पुष्टि होने के बाद जालौर एसपी ने फाइल रेंज आईजी जोधपुर जीएल शर्मा को भेजकर नियुक्ति को लेकर राय मांगी थी।

ऐसा मामला पहली बार आने पर आईजी ने 3 जुलाई 2015 को फाइल पुलिस मुख्यालय भेज दी गई थी, लेकिन यहां पर भी पुलिस के अधिकारी कुछ निर्णय नहीं कर पाए। ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने राय जानने के लिए फाइल गृह विभाग को भेज दी थी। गंगा कुमारी का तीन साल पहले परीक्षा में चयन हो गया था।
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