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जानलेवा होने लगी डॉक्टरों की हड़ताल, दो की मौत, पोस्टमार्टम भी अटके

Mon, 06 Nov 2017 05:23 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल शुरू होने के बाद अब इसका असर नजर आने लगा है। इस हड़ताल के चलते एक नवजात और एक वृद्धा की मौत हो गई। 
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मामला राजस्थान के सिरोही का है। आबू रोड स्थित सरकारी अस्पताल में प्रसूता ने एक नवजात को जन्म दिया, जिसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक सरकारी अस्पताल में एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया था। प्रसूता के नवजात की जन्म के बाद से ही तबीयत गड़बड़ाने लगी। ऐसे में परिजन अस्पताल में इधर-उधर डॉक्टरों की तलाश में भागने लगे, लेकिन कोई नहीं मिला। चिकित्सकों की गैर मौजूदगी के कारण नवजात की हालत और भी गंभीर हो गई।

आनन-फानन में परिजन नवजात को लेकर निजी अस्पताल के लिए रवाना हुए। बिना एंबुलेंस और आॅक्सीजन सिलेंडर के नवजात की दिक्क्तें और भी बढ़ गईं। इस दौरान रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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वहीं भरतपुर में भी हड़ताल के चलते एक वृद्धा की मौत होने की खबर सामने आई है।

 
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प्रशासन ने दिखाई सख्ती

एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में कतार - फोटो : अमर उजाला
उधर, राजस्थान में डॉक्टरों के आज से हड़ताल पर जाने के चलते सरकार ने रेस्मा लागू कर दिया है। सरकार के चिकित्सा विभाग के अनुसार जो चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ ने बताया कि रेस्मा लागू होने के बाद अस्पताल नहीं पहुंचने वाले डॉक्टरों की गिरफ्तारी भी देर रात से ही प्रारंभ कर दी गई है। वहीं प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही, जिला प्रशासन से सम्पर्क कर अन्य कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

 
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यहां भी बिगड़े हालात

अलवर के सामान्य चिकित्सालय में सूने पड़े डॉक्टर्स रूम - फोटो : amar ujala
अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में भी डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, यहां मरीजों की असुविधा को देखते हुए 5 होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टर लगाए गए हैं। वहीं इन डॉक्टरों ने भी यहां साफ कह दिया कि वे सिर्फ होम्योपैथिक मरीज ही देखेंगे और अन्य कोई भी मरीज नहीं देखेंगे। इसके अलावा यहां मोर्चरी में रखे शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हो पा रहा है। मृतक के परिजन नाहर सिंह ने बताया कि हम पोस्टमार्टम के लिए सुबह से घूम रहे हैं लेकिन कोई भी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा है।

उधर, अजमेर जिले के सेवारत चिकित्सक संघ के उपाध्यक्ष डाॅ. अनंत कोटिया ने बताया कि राज्य सरकार उनकी कभी भी गिरफ्तारियां करवा सकती हैं। ऐसे में सभी डाॅक्टर्स अपने फोन बंद करके अज्ञातवास में जा रहे हैं।

 
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