एक दंपती को बेटी की चाहत थी। इसी चाहत में एक के बाद एक सात बेटे हो गए। आखिरकार नदी के किनारे दंपती की ये आस पूरी हो गई। एकाएक उन्हें यहां दो दिन की बच्ची लावारिस हालत में मिली। अब इस परिवार को बिटिया मिल गई और उस अनाथ को अपनों का साथ नसीब हो गया।
फिल्मी लगने वाली यह कहानी है धौलपुर के मानियां के सैमर का पुरा में रहने वाले दंपती की है। सुखी देवी ने 14 सितंबर को एक बेटे को जन्म दिया। यह इस दंपती का सातवां बेटा है, लेकिन उन्हें बेटी की चाहत थी। बेटे के जन्म के बाद परिवार में वैसी खुशी नजर नहीं आई।
इसके अगले दिन सुखी देवी के पति लीलाधर पार्वती नदी के किनारे बैठे थे। वहां उन्हें एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने जब आसपास देखा तो लावारिस हालत में एक दो-तीन दिन की बच्ची पड़ी थी, जिसके शरीर पर चीटियां चिपकी हुई थीं। उन्होंने आसपास बच्ची के परिजनों को तलाशा, काफी देर तक जब कोई नहीं मिला तो वे उसे अपने घर ले आए।