राजस्थान हाईकोर्ट ने 1993 में देशभर में हुए सीरियल ट्रेन विस्फोट के दोषी और आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे अभियुक्त फजलुर रहमान सूफी को अपने बेटे की शादी में शामिल होने के लिए 7 दिन के पैरोल पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश अभियुक्त फजलुर रहमान सूफी की पैरोल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि 26 दिसंबर को उसके बेटे की शादी है। ऐसे में उसे शादी में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा किया जाए। राज्य सरकार की ओर से पेश जवाब में उसका आचरण अच्छा बताते हुए कहा गया कि अब तक अभियुक्त 23 साल 3 महीने और 14 दिन की सजा काट चुका है।